बिहार के Jamui City में शुक्रवार देर शाम Saraswati Idol Immersion के दौरान भारी हंगामा और अफरा-तफरी मच गई। कल्याणपुर इलाके से निकले विसर्जन जुलूस में शामिल युवक महाराजगंज के पास आपस में ही भिड़ गए, जिससे मौके पर Stampede जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। शांति व्यवस्था भंग होते देख वहां तैनात Jamui Police ने तुरंत मोर्चा संभाला और उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। यह घटना उस समय हुई जब ‘विद्यार्थी वृंद समिति’ के सदस्य प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस शांतिपूर्ण था लेकिन महाराजगंज पहुंचते ही युवाओं के बीच विवाद शुरू हो गया। पुलिस ने स्थिति को बिगड़ता देख हस्तक्षेप किया और भीड़ को तितर-बितर कर Law and Order बहाल किया।
स्टंट दिखाने और वर्चस्व को लेकर Maharajganj में मारपीट
शुरुआती जानकारी के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह विसर्जन जुलूस में “कर्तव्य दिखाने” (Stunts) और जुलूस में आगे-पीछे चलने की होड़ थी। युवाओं के दो गुटों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस Clash के कारण सड़क पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस ने युवाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों के न मानने पर पुलिस को लाठियां चटकानी पड़ीं। पुलिस की इस सख्त Action के बाद ही उपद्रवी तत्व मौके से भाग खड़े हुए और स्थिति नियंत्रण में आई।
Police Intervention और सुरक्षा के बीच विसर्जन संपन्न
किसी भी तरह की सांप्रदायिक या बड़ी हिंसक घटना को रोकने के लिए Jamui Police ने कड़ा रुख अपनाया। पुलिस टीम ने न केवल भीड़ को हटाया, बल्कि खुद आगे बढ़कर मां सरस्वती की प्रतिमा को अपने संरक्षण में लिया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने स्वयं ही विधि-विधान के साथ Final Immersion की प्रक्रिया संपन्न कराई। Town Police Station SHO अमरेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और एहतियातन मौके पर Police Force की तैनाती की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि CCTV Footage के जरिए हुड़दंगियों की पहचान की जाएगी और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त Legal Action लिया जाएगा।


