Rashtriya Lok Morcha: पार्टी में टूट की खबरों पर विराम, MLA माधव आनंद ने ‘Patliputra’ नाम पर दिया बड़ा बयान

Surjeet KumarPatrakar Babu News Desk
3 Min Read
Rashtriya Lok Morcha Bihar

पटना: बिहार विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक माधव आनंद ने पार्टी में फूट की अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। सदन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर कोई नाराजगी नहीं है और सभी विधायक United (एकजुट) होकर बिहार के विकास के लिए काम कर रहे हैं। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि मंत्री पद के बंटवारे को लेकर पार्टी में आंतरिक कलह मची है। माधव आनंद ने स्पष्ट किया कि पार्टी का हर फैसला लोकतांत्रिक तरीके से लिया जाता है और वर्तमान में कोई भी विधायक पाला बदलने की सोच भी नहीं रहा है। उन्होंने विरोधियों पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी का Official Statement यही है कि वे गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के विकास के लक्ष्यों को पूरा कर रहे हैं।

Dilip Prakash के मंत्री बनने पर सर्वसम्मति, आंतरिक कलह से इनकार

विधायक माधव आनंद ने मंत्री पद के चयन को लेकर मचे घमासान पर स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि दिलीप प्रकाश (Dilip Prakash) को मंत्री बनाने का निर्णय पूरी तरह Consensus Decision (सर्वसम्मति) से लिया गया था। उन्होंने स्वीकार किया कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं होती हैं, लेकिन पार्टी का अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि “पार्टी ने आपसी तालमेल से यह तय किया था कि कौन सरकार में प्रतिनिधित्व करेगा।” इस बयान के जरिए उन्होंने उन दावों को हवा में उड़ा दिया जिनमें कहा जा रहा था कि पार्टी के कुछ विधायक मंत्री न बनाए जाने से नाराज चल रहे हैं। माधव आनंद के अनुसार, पार्टी का फोकस Governance (सुशासन) पर है, न कि पदों की रेस पर।

‘Patna’ का नाम ‘Patliputra’ करने की मांग सदन में उठाएंगे माधव आनंद

पार्टी की एकजुटता के दावों के बीच विधायक ने एक बड़े सांस्कृतिक मुद्दे को भी हवा दी है। उन्होंने घोषणा की कि वह आगामी Assembly Session (विधानसभा सत्र) के दौरान पटना का नाम बदलकर ‘पाटलिपुत्र’ (Patliputra) करने का प्रस्ताव सदन के पटल पर रखेंगे। यह मुद्दा बिहार की अस्मिता और गौरवशाली इतिहास से जुड़ा है, जिसे लेकर विधायक काफी गंभीर नजर आए। माधव आनंद ने कहा, “पाटलिपुत्र हमारी ऐतिहासिक पहचान है और इस नाम को वापस लाना समय की मांग है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह इस विषय पर अन्य दलों के सदस्यों से भी चर्चा करेंगे ताकि इस पर एक साझा राय बनाई जा सके। अब देखना यह होगा कि बजट सत्र के दौरान इस संवेदनशील और ऐतिहासिक मुद्दे पर सरकार और अन्य विपक्षी दलों का क्या रुख रहता है।

Share This Article
Editor In Chief
Follow:
सुरजीत कुमार 'पत्रकार बाबू' (PatrakarBabu) के एडिटर-इन-चीफ और बिहार के एक प्रतिष्ठित वरिष्ठ पत्रकार हैं। पत्रकारिता जगत में 20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने A2Z News, Channel One News, News 1 India, CNN, ANB National और Prime News जैसे प्रमुख न्यूज़ चैनलों में ब्यूरो चीफ (बिहार एवं झारखंड) के रूप में अपनी सेवाएँ दी हैं। बिहार की राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है। अपने निष्पक्ष विश्लेषण और बेबाक राय के लिए उन्हें अक्सर विभिन्न न्यूज़ चैनलों पर डिबेट्स (Debates) में आमंत्रित किया जाता है। उनका उद्देश्य सच्ची और सटीक खबरें आम जनता तक पहुँचाना है।
Follow:
Patrakar Babu News Desk (पत्रकार बाबू न्यूज़ डेस्क) हमारी पूरी संपादकीय टीम की सामूहिक आवाज़ है। यहाँ अनुभवी पत्रकारों, रिसर्चर्स और संपादकों की एक समर्पित टीम 24/7 काम करती है ताकि आप तक देश-दुनिया, राजनीति, शिक्षा और समाज से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर सबसे पहले और सटीकता के साथ पहुँच सके।
कोई टिप्पणी नहीं