शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले से एक चौंकाने वाला Crime Case सामने आया है, जहाँ सात किशोरों (Minors) ने मिलकर एक घर की तिजोरी साफ कर दी। मामला बरबीघा प्रखंड के केवटी थाना अंतर्गत भदरथी गांव का है। यहाँ रहने वाले रवि कुमार (पिता रामाशीष पासवान) जब सपरिवार Ganga Snan के लिए बाढ़ गए थे, तभी पीछे से सूने घर का ताला तोड़कर ₹50,000 की Cash Theft की वारदात को अंजाम दिया गया। घर लौटने पर पीड़ित परिवार को चोरी की जानकारी हुई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय बच्चों से मिली जानकारी के अनुसार, गांव के ही सात किशोरों ने घर में घुसकर तिजोरी का ताला तोड़ा और उसमें रखे नगदी उड़ा लिए। पीड़ित रवि कुमार ने बताया कि जब उन्होंने चोरी का मुद्दा उठाया, तो गांव में Panchayat बुलाई गई। पंचायत के दौरान कुछ बच्चों ने ₹3,700 वापस भी किए, लेकिन शेष राशि मांगने पर मामला बिगड़ गया। आरोपियों के परिजनों और सहयोगियों ने पंचायत में ही पीड़ित के साथ गाली-गलौज की और मारपीट करते हुए उसे धक्का देकर गिरा दिया।
Panchayat में धमकी और ‘Life Threat’ का आरोप
चोरी की इस घटना के बाद गांव में हुई पंचायत किसी समाधान तक पहुँचने के बजाय विवाद में बदल गई। रवि कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने अपने बचे हुए पैसे मांगे, तो बबलू पासवान, रंजन साव, संजय राम, मुकेश शर्मा और अन्य लोगों ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोपियों ने पीड़ित को चेतावनी दी कि यदि इस मामले में कोई Police Complaint या मुकदमा किया गया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस Criminal Threat और मारपीट के बाद पीड़ित परिवार काफी डरा हुआ है। पंचायत के माध्यम से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अब कानून का दरवाजा खटखटाया है। गांव में चल रही चर्चा के अनुसार, नाबालिगों के इस तरह के अपराध में संलिप्त होने से स्थानीय अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर न रखने के कारण ऐसे Juvenile Crimes बढ़ रहे हैं।
SP Baliram Kumar Choudhary से न्याय की गुहार
अपने जीवन की गाढ़ी कमाई डूबते देख पीड़ित रवि कुमार ने Sheikhpura SP बलिराम कुमार चौधरी के कार्यालय पहुँचकर लिखित आवेदन दिया है। पीड़ित ने पुलिस कप्तान से अपनी सुरक्षा और चोरी हुए ₹50,000 की बरामदगी के लिए Strict Action की मांग की है। आवेदन में उन सभी लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जिन्होंने चोरी की वारदात को संरक्षण दिया और पंचायत में पीड़ित को धमकाया। शेखपुरा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि Safe Burglary और जान से मारने की धमकी देना एक गंभीर अपराध है, और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पुलिस की एक टीम भदरथी गांव जाकर मामले के चश्मदीदों और अन्य बच्चों से पूछताछ करने की तैयारी में है।


