बिहार के Sheikhpura जिले में शनिवार को स्थिति उस समय हिंसक हो गई जब पुलिस ने Teen Mohani Chowk पर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर जमकर Lathicharge कर दिया। यह ग्रामीण और पीड़ित परिवार तमिलनाडु के चेन्नई में हुए Triple Murder Case के बाद शवों को वापस लाने और न्याय की मांग को लेकर Road Blockade कर रहे थे। पुलिस प्रशासन का दावा है कि यह प्रदर्शन बिना किसी Official Permission या सूचना के किया गया था, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
Chennai Triple Murder की दर्दनाक दास्तां और परिजनों का गुस्सा
इस पूरे विवाद की जड़ तमिलनाडु के चेन्नई में हुई एक जघन्य वारदात है। शेखपुरा सदर थाना क्षेत्र के पथलाफर गांव निवासी सुरेंद्र यादव के पुत्र गौरव कुमार और उनके महज 2 साल के पोते बीरबन कुमार की चेन्नई में हत्या कर दी गई थी। इसी घटना में परिवार की महिला मोनिता देवी का शव अब तक बरामद नहीं हो पाया है। Chennai Police ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को Arrest किया है। हालांकि, घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी गौरव और बीरबन के शव शेखपुरा नहीं पहुंचे हैं। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन शवों को वापस लाने में सहयोग नहीं कर रहा है, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
Coaching Students की भूमिका और प्रशासन का रुख
शनिवार को हुए इस Protest में केवल ग्रामीण ही नहीं, बल्कि बंगाली पर मोहल्ला स्थित कोचिंग संस्थानों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए थे। सड़क जाम के कारण घंटों तक इमरजेंसी सेवाएं और सामान्य आवाजाही प्रभावित रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि Law and Order को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के बाद, पुलिस अब उन कोचिंग संचालकों के खिलाफ भी Legal Action लेने की तैयारी कर रही है जिन्होंने छात्रों को इस Illegal Protest के लिए उकसाया था। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।


