स्विट्जरलैंड के दावोस (Davos) में आज, 19 जनवरी से World Economic Forum (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक शुरू हो गई है। दुनिया भर के दिग्गज नेताओं और बिजनेस टाइकून्स के जमावड़े के बीच, भारत की गूंज सबसे तेज सुनाई दे रही है। WEF के प्रेसिडेंट Borge Brende ने भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की तारीफ करते हुए कहा है कि भारत के सुधारों की रफ्तार ‘हैरान’ करने वाली है।
‘Business Today’ से खास बातचीत में Borge Brende ने बड़ा दावा किया कि India आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने बताया कि वैश्विक विकास (Global Growth) में भारत का योगदान अब करीब 20% तक पहुंच गया है। 23 जनवरी तक चलने वाली इस बैठक का थीम ‘A Spirit of Dialogue’ रखा गया है, जिसमें भारत केंद्र बिंदु बना हुआ है।
India-US Trade Deal पर मुहर संभव?
Brende ने भारत और अमेरिका के रिश्तों पर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि भविष्य में India-US Trade Deal होना तय है। उन्होंने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच बदलते समीकरणों ने सरकार को कड़े और जरूरी Economic Reforms के लिए प्रेरित किया है।”
भारतीय सुधारों (Reforms) की स्पीड पर हैरानी जताते हुए WEF चीफ ने कहा, “पिछले कुछ महीनों में भारत ने जिस तेजी से आर्थिक सुधार किए हैं, वह वाकई अविश्वसनीय है। मुझे उम्मीद तो थी, लेकिन लगा था कि ये सुधार अगले दशक में होंगे, न कि इतनी जल्दी।” यह बयान 2026 में भारत की मजबूत ग्लोबल पोजिशनिंग को दर्शाता है।
India-EU डील और ग्लोबल ट्रेड का भविष्य
सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि India-EU Trade Deal को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। Brende ने स्वीकार किया कि पारंपरिक रूप से कृषि (Agriculture) जैसे मुद्दों पर मतभेद रहे हैं, लेकिन अब दोनों पक्ष इसके फायदे समझ रहे हैं। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि यूरोप और भारत एक समझौते पर पहुंचें।”
Global Trade के हालात पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस साल व्यापार में करीब 3% की Growth की उम्मीद है। मंदी की आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण दिया- “व्यापार पानी की तरह होता है, यह अपना रास्ता खुद ढूंढ लेता है।” भारत अपने हितों को ध्यान में रखकर ही ये बड़े फैसले लेगा।


