Bihar Child Case: “किसी को बचाया नहीं जाएगा”, Pappu Yadav के आरोपों के बीच Jitan Ram Manjhi ने SIT Investigation पर दिया बड़ा अपडेट

Patrakar Babu News DeskAnkush
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Bihar Child Case Investigation

पटना, 25 जनवरी 2026: बिहार में एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। सांसद पप्पू यादव द्वारा इस केस में एक Minister’s Son (मंत्री के बेटे) और AIIMS Doctors की संलिप्तता के गंभीर आरोपों के बाद, बिहार सरकार की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मोर्चा संभाला है। मांझी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस संवेदनशील मामले की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं और दोषियों को सजा दिलाने के लिए Special Investigation Team (SIT) का गठन कर दिया गया है। पटना में मीडिया से बात करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि सरकार इस मामले की तह तक जाने के लिए प्रतिबद्ध है। SIT Investigation के तहत टीम उन सभी ठिकानों का दौरा कर रही है, जहां पीड़िता को ले जाया गया था या जिनसे इस केस के तार जुड़े हैं। मांझी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि नीतीश सरकार के शासन में “न तो किसी को फंसाया जाता है और न ही किसी को बचाया जाता है,” चाहे आरोपी कितना भी रसूखदार क्यों न हो।

Pappu Yadav के आरोपों से हड़कंप: क्या Minister’s Son को मिल रहा है संरक्षण?

सांसद पप्पू यादव ने इस केस में Investigative Journalism के जरिए दावा किया है कि जांच को प्रभावित करने के लिए Medical Reports और जरूरी पेपर्स गायब किए गए हैं। उनके अनुसार, AIIMS Patna के डॉक्टरों ने भी कुछ दस्तावेजों की कमी की बात स्वीकार की है। इन आरोपों ने राज्य सरकार की Law and Order व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पप्पू यादव का आरोप है कि रसूखदारों को बचाने के लिए सिस्टम का दुरुपयोग किया जा रहा है। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि विपक्ष अपनी बात कहने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन जांच पूरी तरह Fair and Transparent तरीके से चल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी Technical Evidence या Medical Report में देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार सभी तकनीकी पहलुओं को दुरुस्त कर रही है ताकि कोर्ट में Trial के दौरान केस कमजोर न पड़े और Selection Process के जरिए दोषियों की पहचान सुनिश्चित हो सके।

CBI Probe की संभावना और SIT की अगली कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए मांझी ने भविष्य में CBI Probe (सीबीआई जांच) के संकेत भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार की जांच में कोई कमी दिखी या जरूरत महसूस हुई, तो मुख्यमंत्री मामले को Central Bureau of Investigation को सौंपने से पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल, SIT Team सुबूतों को जुटाने में लगी है और सीसीटीवी फुटेज से लेकर कॉल डंप डेटा तक की Deep Analysis की जा रही है। आगामी Budget Session से पहले इस मामले पर मचे हंगामे को देखते हुए सरकार जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करने के दबाव में है। मांझी ने दोहराया कि राज्य पुलिस की Special Cell उन सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है जिनका नाम सामने आया है। सरकार का अगला कदम Forensic Reports के आधार पर गिरफ्तारियों का हो सकता है, जिससे जनता के बीच गिरते विश्वास को फिर से बहाल किया जा सके।

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अंकुश 'पत्रकार बाबू' (PatrakarBabu) की संपादकीय टीम में संपादक (Editor) के रूप में कार्यरत हैं। एक B.Tech Graduate होने के साथ-साथ, वे पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अंकुश की खबरों पर पकड़ बहुआयामी है। वे मुख्य रूप से मनोरंजन (Entertainment) और अपराध (Crime) जगत की खबरों की गहराई से पड़ताल करते हैं। इसके अलावा, वे उत्तर प्रदेश और राजस्थान की क्षेत्रीय और राजनीतिक हलचलों पर पैनी नज़र रखते हैं और पाठकों तक सबसे तेज़ खबरें पहुँचाते हैं।

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