Nitin Nabin BJP President: ‘रबर स्टैम्प’ नहीं, ‘सुप्रीम कमांडर’ हैं नितिन नवीन, PM मोदी ने ‘बॉस’ कहकर दिया बड़ा मैसेज

Patrakar Babu News Desk
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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बिहार के पटना से 5 बार के विधायक Nitin Nabin ने दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के National President का पदभार संभाल लिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि क्या पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के विशाल व्यक्तित्व के आगे नए अध्यक्ष खुलकर फैसले ले पाएंगे? इन अटकलों पर विराम लगाते हुए खुद प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं के सामने नितिन नवीन को “मेरा बॉस” कहकर संबोधित किया है।

पीएम मोदी का यह बयान महज औपचारिकता नहीं, बल्कि एक स्ट्रैटेजिक मैसेज है। उन्होंने साफ कर दिया है कि बीजेपी में संगठन ही सर्वोपरि है और अध्यक्ष का पद ‘सुप्रीम’ है। अपने पहले भाषण में नवीन ने भी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा, “पार्टी का ‘Watch Tower’ सब देख रहा है। अगर मुझ जैसा साधारण कार्यकर्ता अध्यक्ष बन सकता है, तो आप भी बन सकते हैं।”

Power of President: क्या हैं बीजेपी अध्यक्ष की असली ताकतें?

बीजेपी के संविधान (BJP Constitution) के अनुसार, अध्यक्ष कोई ‘रबर स्टैम्प’ नहीं होता। उनके पास असीमित अधिकार होते हैं जो उन्हें पार्टी का ‘चुनावी कमांडर’ बनाते हैं:

  • Organizational Head: राष्ट्रीय कार्यकारिणी (120 सदस्य), महासचिव और राज्य अध्यक्षों की नियुक्ति या हटाने का अधिकार सिर्फ अध्यक्ष के पास होता है।

  • Ticket Distribution: लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की अंतिम सूची पर अध्यक्ष की मुहर लगती है। (याद करें अमित शाह का 2014-19 का कार्यकाल)।

  • Policy & Funds: पार्टी संविधान की व्याख्या, नियमों में संशोधन और करोड़ों के फंड्स/चंदे का हिसाब-किताब अध्यक्ष के हाथ में होता है।

  • Coordination: एनडीए सहयोगियों से तालमेल और सदस्यता अभियान (Membership Drive) की कमान भी अध्यक्ष के पास होती है।

Nitin Nabin: 0.6% जाति बल से राष्ट्रीय फलक तक

नितिन नवीन का राजनीतिक सफर उनकी ‘मेरिट’ की गवाही देता है। बिहार की जाति-प्रधान राजनीति में वे Kayastha समाज से आते हैं, जिसकी हिस्सेदारी महज 0.6% है। इसके बावजूद उन्होंने बांकीपुर (Bankipur) सीट को अपना गढ़ बनाया और लगातार 5 बार (2006-2025) जीत दर्ज की। 2020 में उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा को 84,000 वोटों से हराकर अपनी जमीनी पकड़ साबित की थी।

महज 26 साल की उम्र में पिता की मृत्यु के बाद राजनीति में आए नवीन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। भाजयुमो (BJYM) के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर काम किया और बिहार सरकार में सड़क निर्माण व शहरी विकास मंत्री के रूप में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी Clean Image है—विपक्ष (RJD) भी उनकी सौम्यता और कर्मठता का कायल है।

नितिन नवीन अब बीजेपी के उस ‘New Leadership Model’ का चेहरा हैं जो परिवारवाद नहीं, बल्कि परफॉरमेंस और पार्टी के प्रति निष्ठा पर आधारित है।

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