पटना: बिहार विधानसभा में Bihar Budget 2026 पर चर्चा के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा विधायक रत्नेश कुशवाहा ने आज पटना में मीडिया से बात करते हुए इस बजट को ‘विकसित बिहार’ (Viksit Bihar) के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज बताया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध करने वाले नेताओं ने बजट का अध्ययन तक नहीं किया है, क्योंकि उन्हें “मोटी किताबें पढ़ने की आदत नहीं है।” विधायक कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि जब Budget पेश किया जाता है, तो सदन के सभी माननीय सदस्यों को इसकी एक प्रति (Hard Copy) दी जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को इसे पढ़ना चाहिए ताकि उन्हें सरकार के विजन का पता चल सके। उनके अनुसार, यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप है।
Road Corridors और Industry पर फोकस: बजट की बड़ी घोषणाएं
रत्नेश कुशवाहा ने बजट की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सरकार ने इस बार बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर विशेष जोर दिया है। बिहार के कोने-कोने को जोड़ने के लिए बड़े-बड़े Road Corridors के निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए Industry (उद्योग) क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा (Education) और स्वास्थ्य (Healthcare) जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए भी सरकार ने भारी-भरकम Budget Allocation किया है। विपक्ष को विकास के ये बड़े काम नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि उनका उद्देश्य केवल राजनीति करना है, न कि जनता के कल्याण पर चर्चा करना।
Tejashwi Yadav को नसीहत: “सदन घेरने से पहले अपनी घर की लड़ाई सुलझाएं”
बजट सत्र के दौरान तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और उनके विधायकों द्वारा किए जाने वाले संभावित हंगामे पर विधायक कुशवाहा ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने तेजस्वी यादव को मशविरा देते हुए कहा कि वह सरकार को सदन में घेरने का सपना देखने से पहले अपने परिवार और पार्टी के भीतर चल रहे विवादों को सुलझाएं। कुशवाहा ने दावा किया कि जिस तरह से तेजस्वी यादव के अपने ही परिवार के लोग उनके खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं, वह उनकी कमजोर होती स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव पहले अपने घर की अंदरूनी लड़ाई (Internal Infighting) से निपटें, उसके बाद सरकार से जवाब मांगने की हिम्मत करें।” भाजपा विधायक के इस बयान के बाद अब सदन की कार्यवाही और भी हंगामेदार होने के आसार बढ़ गए हैं।


