पटना: बिहार की राजनीति में विधान परिषद (MLC) की 9 खाली हो रही सीटों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। आगामी Bihar MLC Election 2026 के लिए संभावित उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आज वैशाली जिले से आए जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री विजय चौधरी के पटना स्थित आवास पर जोरदार दस्तक दी। समर्थकों की पुरजोर मांग है कि प्रख्यात समाजसेवी एल.बी. सिंह (L.B. Singh) को इस बार विधान परिषद का सदस्य बनाया जाए। वैशाली से बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजय चौधरी से मुलाकात कर अपना मांग पत्र सौंपा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि एल.बी. सिंह वर्षों से क्षेत्र में गरीबों की सेवा और सामाजिक उत्थान के कार्यों में सक्रिय हैं। Candidate Selection की प्रक्रिया शुरू होते ही पटना में मंत्रियों के आवासों पर पैरवी और Lobbying करने वालों का तांता लग गया है। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अगले कदम पर टिकी हैं।
समाजसेवी LB Singh के समर्थन में महिलाओं का मोर्चा: JDU कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन
मंत्री आवास पर पहुंचे रंजीत पटेल, सोनी सिंह और रघुबीर मोची जैसे कार्यकर्ताओं ने एक सुर में एल.बी. सिंह के नाम की वकालत की। समर्थकों का तर्क है कि सिंह ने आपदा और सामान्य समय में हमेशा क्षेत्र की जनता की मदद की है। विशेष रूप से वैशाली की महिलाओं ने मंत्री से आग्रह किया है कि एक सीट ऐसे Social Worker को दी जाए, जिसने अपना जीवन जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया है। पार्टी के भीतर बढ़ती इस मांग को JDU के भीतर बढ़ते जमीनी दबाव के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि यदि एल.बी. सिंह जैसे चेहरों को Official List में जगह मिलती है, तो इससे वैशाली और आसपास के जिलों में पार्टी का आधार और मजबूत होगा। कार्यकर्ताओं ने साफ किया कि वे केवल अपने नेता के लिए हक मांगने पटना आए हैं।
9 सीटों पर Selection Process: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बढ़ी चुनौती
बिहार में विधान परिषद की इन 9 सीटों के लिए होने वाला Selection Process सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। JDU के कोटे में आने वाली सीटों के लिए दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है, जिसमें पुराने दिग्गजों के साथ-साथ एल.बी. सिंह जैसे नए सामाजिक चेहरे भी शामिल हैं। मंत्री विजय चौधरी के आवास पर हुई यह भीड़ दर्शाती है कि इस बार टिकट बंटवारे में कार्यकर्ताओं की भावनाओं का बड़ा रोल होने वाला है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के इन चुनावों में जातीय समीकरण और सामाजिक पकड़ को ध्यान में रखकर ही Selection Process को अंतिम रूप दिया जाएगा। विजय चौधरी ने कार्यकर्ताओं की बातों को ध्यानपूर्वक सुना है, लेकिन अंतिम मुहर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ही लगनी है। अब देखना यह है कि समाज सेवा के आधार पर की जा रही यह दावेदारी कितनी प्रभावी साबित होती है।


