बिहार के नालंदा जिला मुख्यालय Bihar Sharif में न्यायिक व्यवस्था को सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। जिला मध्यस्थता केंद्र (District Mediation Center) में आयोजित सुपरवाइजिंग कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि आपसी सहमति से सुलझने योग्य मामलों का निपटारा एक विशेष अभियान के तहत किया जाएगा। यह Special Drive आगामी 1 February to 31 March 2026 तक संचालित की जाएगी। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश Ravindra Kumar की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करना और आम जनता को त्वरित व सस्ता न्याय दिलाना है। Mediation for the Nation 2.4 प्रोग्राम के तहत उन सभी Compoundable Cases की सुनवाई की जाएगी, जो आपसी बातचीत और सुलह के दायरे में आते हैं।
Mediation for the Nation 2.4 की मुख्य विशेषताएं
बैठक में District Legal Services Authority (DLSA) के सचिव राजेश कुमार गौरव ने बताया कि यह अभियान 2 जनवरी से ही सक्रिय है, लेकिन फरवरी और मार्च का महीना विशेष सुनवाई के लिए आरक्षित रहेगा। इस दौरान दीवानी, पारिवारिक विवाद और छोटे आपराधिक मामलों को आपसी सहमति से हल करने पर जोर दिया जाएगा। Official Notification के अनुसार, इस प्रक्रिया में दोनों पक्षों की रजामंदी अनिवार्य है, जिससे भविष्य में कानूनी विवादों की संभावना खत्म हो सके। अधिकारियों ने बताया कि Mediation Process न केवल समय बचाती है, बल्कि पक्षकारों के बीच आर्थिक बोझ को भी कम करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में Legal Awareness फैलाने के लिए विशेष दूत और विधिक स्वयंसेवकों की मदद ली जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस Settlement Campaign का लाभ उठा सकें।
Judicial System में त्वरित न्याय के लिए कड़े दिशा-निर्देश
प्रधान न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यस्थता से मिला न्याय दीर्घकालिक और सौहार्दपूर्ण होता है। बैठक में ADJ-3 Ranvijay Kumar और अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे Case Disposal की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखें और Legal Aid के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दें। बिहार शरीफ स्थित न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए, इस Special Campaign को गेम-चेंजर माना जा रहा है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय Mediation का रास्ता चुनें। 1 फरवरी से शुरू होने वाले इस अभियान के लिए Case Registration और परामर्श की प्रक्रिया जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में शुरू कर दी गई है।


