आज 26 जनवरी 2026 को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित संघ कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ में RSS Chief Dr. Mohan Bhagwat ने Republic Day के अवसर पर Flag Hoisting (ध्वजारोहण) किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि अपने कर्तव्यों का स्मरण करना और कानून का पालन करना ही भारत को विश्व पटल पर ‘सिरमौर’ बनाने का एकमात्र मार्ग है। सरसंघचालक ने अपने Official Address में पूर्वजों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि स्वाधीनता को अक्षुण्ण बनाए रखना और देश को गणराज्य के रूप में सुदृढ़ करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस कार्यक्रम में स्थानीय गणमान्य नागरिकों के साथ संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए।
तिरंगे के रंगों का विश्लेषण और Constitutional Duty पर जोर
डॉ. मोहन भागवत ने तिरंगे के तीन रंगों और धम्म चक्र की गहराई से व्याख्या की। उन्होंने कहा कि सबसे ऊपर स्थित भगवा रंग त्याग, कर्मशीलता और भारत की Ancient Culture का प्रतीक है। बीच का सफेद रंग मन की निर्मलता को दर्शाता है, जबकि हरा रंग उन्नति, प्रगति और लक्ष्मी (समृद्धि) का सूचक है। उन्होंने जोर दिया कि ये सभी तत्व धर्म के आधार पर संचालित हों, इसीलिए केंद्र में ‘धम्म चक्र’ स्थापित है। नागरिकों को कानून के प्रति जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा Indian Constitution ही हमारा धर्मोपदेश है। उन्होंने नागरिकों को Preamble (संविधान की प्रस्तावना) नियमित रूप से पढ़ने की सलाह दी, ताकि उन्हें अपने Fundamental Duties और कानूनी मर्यादाओं का निरंतर बोध होता रहे। उनके अनुसार, कानून का अनुपालन ही सच्चा नागरिक कर्तव्य है।
भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्व
अपने संबोधन के अंतिम चरण में RSS Chief ने भारतीय समाज में रची-बसी उन परंपराओं का जिक्र किया, जो लिखित न होते हुए भी मानवता को जीवित रखती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुसार मनुष्यता बनाए रखना अनिवार्य है। देश को दुनिया का नेतृत्व करने योग्य बनाने के लिए समाज को ‘आदर्श आचरण’ प्रस्तुत करना होगा। इस Public Event के दौरान प्रांत संघचालक गौरीशंकर प्रसाद, प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह बिसेन, और क्षेत्र प्रचारक रामनवमी जी सहित चन्द्रमोहन खन्ना चन्नी, संजीव सिंह, विवेक और वाल्मीकि जैसे प्रमुख नेता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराया।


