पूर्वी चम्पारण के मोतिहारी स्थित Pipra Adarsh Exam Center (महावीर उच्च विद्यालय) के बाहर बुधवार को उस वक्त हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब देर से पहुंचे एक शिक्षक को अभिभावकों ने खदेड़ दिया। परीक्षा केंद्र पर तैनात Magistrate नियमों की अनदेखी कर शिक्षक को अंदर प्रवेश दिलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वहां मौजूद अभिभावकों की नाराजगी और भारी हंगामे को देख शिक्षक को उल्टे पांव भागना पड़ा। यह घटना परीक्षा की सुचिता और Exam Rules पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। जब परीक्षार्थियों के लिए समय की पाबंदी इतनी सख्त है कि एक मिनट की देरी पर उन्हें प्रवेश नहीं मिलता, तो एक शिक्षक के लिए नियमों में ढील क्यों दी जा रही थी? इसी बात को लेकर परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद अभिभावक आक्रोशित हो गए और जमकर नारेबाजी की।
Magistrate की ‘पैरवी’ पड़ी भारी, नियमों पर उठे सवाल
घटना के दौरान मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक, संबंधित शिक्षक निर्धारित समय के काफी बाद Exam Hall पहुंचना चाह रहे थे। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने पहले तो उन्हें रोका, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद Magistrate ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें अंदर जाने देने की सिफारिश की। यह देखते ही केंद्र के बाहर मौजूद दर्जनों अभिभावक भड़क गए। अभिभावकों का तर्क था कि Official Notification के अनुसार रिपोर्टिंग टाइम का पालन सबके लिए अनिवार्य है। यदि छात्रों के लिए गेट बंद कर दिए जाते हैं, तो शिक्षकों को Late Entry की अनुमति देना सरासर गलत है। अभिभावकों के बढ़ते आक्रोश और हंगामे को देख ड्यूटी पर तैनात अधिकारी भी बैकफुट पर आ गए।
हंगामे के बाद रफूचक्कर हुए शिक्षक, प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें
स्थिति को बिगड़ता देख और भीड़ का रुख भांपते हुए शिक्षक वहां से रफूचक्कर हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को Examination Process में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करनी चाहिए। मोतिहारी के इस Exam Center पर हुई इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें लोग ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। पिपरा महावीर उच्च विद्यालय केंद्र पर हुई इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन अब इस मामले की जांच की बात कह रहा है। अभिभावकों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि Selection Process और परीक्षाओं की गरिमा बनी रहे।


