नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में खाकी को शर्मसार करने वाले एक मामले में Nalanda Police ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। Tharthari Police Station के थानाध्यक्ष (SHO) संजय कुमार सिंघानिया को एक महिला के साथ अमानवीय व्यवहार और मारपीट करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से Line Hazir कर दिया गया है। SP Bharat Soni ने यह बड़ा फैसला सोशल मीडिया पर Viral Video के संज्ञान और प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद लिया है। यह पूरा मामला तब गरमाया जब थरथरी थाना क्षेत्र का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैला, जिसमें SHO संजय कुमार सिंघानिया एक महिला के बाल पकड़कर उसे घसीटते और पीटते नजर आ रहे थे। Investigative Journalism और स्थानीय मीडिया द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। पुलिस अधीक्षक ने इसे ‘अमर्यादित आचरण’ और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए सख्त Official Action सुनिश्चित किया है।
Viral Video के बाद SP Bharat Soni का सख्त फैसला
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। वीडियो में साफ दिख रहा था कि कानून के रखवाले ने ही Human Rights और Women Dignity की सरेआम धज्जियां उड़ाईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए Nalanda SP ने तुरंत जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष का आचरण पुलिस नियमावली के विरुद्ध पाया गया, जिसके बाद उन्हें पद से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इस Quick Response से जिले में यह संदेश गया है कि वर्दी की आड़ में कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। Nalanda District Administration ने स्पष्ट किया है कि पुलिस का काम जनता की सुरक्षा करना है, न कि उन पर अत्याचार करना। इस कार्रवाई के बाद अब विभाग के भीतर भी अनुशासन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
‘वर्दी का घमंड’ नहीं चलेगा: स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने की सराहना
इस विभागीय कार्रवाई का स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने खुलकर स्वागत किया है। Zila Parishad Member अमित कुमार उर्फ तरुण यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और महिला सम्मान की जीत है। उन्होंने District Administration और मीडिया कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी त्वरित कार्रवाई से ही आम जनता का भरोसा Bihar Police पर बना रहता है। तरुण यादव ने जोर देकर कहा कि किसी भी सूरत में महिलाओं के खिलाफ अमानवीय व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। नालंदा की इस घटना ने एक नजीर पेश की है कि चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून सबके लिए बराबर है। फिलहाल, इलाके में शांति है और लोग पुलिस के इस Sensitive Approach की चर्चा कर रहे हैं।


