नालंदा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Vigilance Investigation Bureau (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) ने राजगीर अंचल कार्यालय में तैनात राजस्व कर्मचारी अखिलेश साह को ₹45,000 की रिश्वत लेते हुए Red-handed गिरफ्तार किया है। ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को छबीलापुर रोड स्थित लेदुवा पुल के पास जाल बिछाकर आरोपी को उस समय दबोचा जब वह पीड़ित से घूस की रकम स्वीकार कर रहा था। यह पूरी कार्रवाई जमीन के दस्तावेजों में सुधार यानी Land Parimarjan के नाम पर चल रहे अवैध वसूली के खेल को उजागर करती है। छबीलापुर थाना क्षेत्र के रटना गांव निवासी राजीव कुमार ने ब्यूरो से शिकायत की थी कि अखिलेश साह काम करने के बदले मोटी रकम की डिमांड कर रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद 02 फरवरी को Official FIR दर्ज की गई और DSP अखिलेश कुमार के नेतृत्व में गठित Special Team ने इस Trap Case को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ Vigilance Bureau का कड़ा एक्शन
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत से ही भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसने का अभियान तेज कर दिया गया है। आरोपी अखिलेश साह की गिरफ्तारी इस वर्ष का 11वां-12वां Successful Trap Case है। ब्यूरो के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी दफ्तरों में आम जनता को परेशान करने वाले Public Servants के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। राजस्व कर्मचारी द्वारा Bribe Money की मांग किए जाने के बाद विभाग ने गुप्त तरीके से जाल बिछाया था। जैसे ही पीड़ित ने लेदुवा पुल के पास आरोपी को केमिकल लगे नोट थमाए, वैसे ही सिविल ड्रेस में तैनात Vigilance Officials ने उसे दबोच लिया। आरोपी को हिरासत में लेकर ब्यूरो की टीम पटना मुख्यालय ले गई है, जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है।
2026 में अब तक 14 Corruption Cases दर्ज
निगरानी विभाग ने आँकड़े साझा करते हुए बताया कि फरवरी 2026 की शुरुआत तक भ्रष्टाचार से जुड़े कुल 14 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। राजगीर अंचल कार्यालय में हुई इस गिरफ्तारी ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। Investigation Team अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस Illegal Bribery Network में अन्य कर्मचारी या बिचौलिए भी शामिल थे। विभागीय अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत Vigilance Helpline पर दें। विभाग ने आश्वासन दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आने वाले दिनों में और अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा ताकि Good Governance को जमीन पर उतारा जा सके।


