पटना, 25 जनवरी 2026: बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री और जदयू के कद्दावर नेता श्रवण कुमार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह (RCP Singh) के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार किया है। पटना में पत्रकारों से चर्चा के दौरान श्रवण कुमार ने आरसीपी सिंह के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने जदयू को अपना ‘घर’ बताया था। मंत्री ने आरोप लगाया कि आरसीपी सिंह वही नेता हैं जिन्होंने पार्टी के भीतर रहकर जदयू को खत्म करने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रभाव को कम करने की गहरी साजिश रची थी। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आरसीपी सिंह ने दूसरे दलों के साथ साठगांठ कर चुनाव के दौरान जदयू को नुकसान पहुँचाने का काम किया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज आरसीपी सिंह इसलिए नीतीश कुमार की तारीफ कर रहे हैं क्योंकि जनता ने उन्हें ‘ठेंगा’ दिखा दिया है। जिस BJP के साथ मिलकर उन्होंने राजनीति चमकाने की कोशिश की, वहां भी उन्हें एक भी सीट नसीब नहीं हुई। श्रवण कुमार के अनुसार, बिहार के मतदाताओं ने जदयू को दोबारा सत्ता सौंपकर यह साबित कर दिया है कि साजिश करने वालों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है।
Karpoori Thakur की विरासत पर RJD और JDU के बीच छिड़ी जंग
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाने पर भी श्रवण कुमार ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कर्पूरी ठाकुर के सच्चे वारिस केवल नीतीश कुमार हैं, राजद नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद ने हमेशा कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा का अपमान किया है और अब केवल चुनावी लाभ के लिए उनके नाम का उपयोग कर रही है। श्रवण कुमार ने 2025 के विधानसभा चुनाव नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार की जनता ने राजद को मात्र 25 सीटों पर समेटकर यह बता दिया है कि लोग अब उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि Selection Process और विकास की राजनीति के दम पर जदयू ने फिर से अपनी ताकत साबित की है, जबकि विपक्षी खेमे में केवल हताशा बची है।
RCP Singh की ‘तमीज’ वाली हिदायत पर मंत्री का फाइनल पंच
आरसीपी सिंह द्वारा जदयू नेताओं को ‘तमीज’ में रहने की नसीहत देने पर श्रवण कुमार ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि आरसीपी सिंह जैसे नेताओं से जदयू के कार्यकर्ताओं को शिष्टाचार सीखने की कोई आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति अपनी मूल पार्टी को ही धोखा देने की कोशिश कर चुका हो, उसे नैतिकता पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी का Official Notification और संगठन का ढांचा अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है। जदयू के भीतर अब केवल उन नेताओं के लिए जगह है जो नीतीश कुमार के नेतृत्व और सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह वफादार हैं। श्रवण कुमार ने साफ संकेत दिया कि आरसीपी सिंह की ‘घर वापसी’ या उनके प्रति नरम रुख की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।


