झारखंड के जामताड़ा जिले स्थित प्रसिद्ध गढ़शिमुला काली मंदिर (Garhshimula Kali Temple) में शनिवार को आस्था और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहाँ पश्चिम बंगाल के पश्चिम वर्धमान से आई 21 सदस्यीय Female Dhaki टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस विशेष पूजा के दौरान झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से भारी संख्या में ‘Devotees’ पहुँचे थे। इस भव्य आयोजन के साथ ही मंदिर परिसर में उन छात्रों की भी भारी भीड़ देखी गई, जिनकी Madhyamik Exam अगले सोमवार से शुरू होने वाली है। विद्यार्थियों ने अपनी ‘Pen’ (कलम) माँ दक्षिणा काली के चरणों में समर्पित कर ‘Better Results’ और सफलता के लिए आशीर्वाद माँगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, हर शनिवार और मंगलवार को यहाँ विशेष भीड़ रहती है, लेकिन आज का ‘Cultural Performance’ मुख्य आकर्षण रहा।
Female Dhaki Team का शानदार ‘Live Performance’ और मन्नत
बंगाल के केंदा से पहुँची इस महिला ढाकी टीम का नेतृत्व अधिनायक विश्वनाथ बाध्यकर कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन एक ‘Religious Vow’ (मन्नत) का हिस्सा था। विश्वनाथ ने माँ गढ़शिमुला दक्षिणा काली से मन्नत मांगी थी कि यदि उनकी Female Dhaki Team को समाज में पहचान और सफलता मिलती है, तो वे पूरी टीम के साथ माँ के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। आज अपनी कला के जरिए लोगों के दिलों में ‘Special Impression’ छोड़ने के बाद यह टीम आभार व्यक्त करने पहुँची थी।
Madhyamik Exam 2026: छात्रों ने किया माँ सरस्वती का आह्वान
आगामी सोमवार से शुरू हो रही माध्यमिक परीक्षाओं को लेकर परीक्षार्थियों में काफी ‘Excitement’ देखा गया। परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए छात्रों ने माँ दक्षिणा काली की विशेष पूजा-अर्चना की।
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Rituals: विद्यार्थियों ने अपनी कलम और एडमिट कार्ड माँ के चरणों में रखे।
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Prayer: अच्छी परीक्षा और शानदार ‘Examination Results’ के लिए मन्नत मांगी गई।
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Atmosphere: पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति के साथ-साथ ‘Academic Success’ की कामना गूंजती रही।


