Patna के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू हॉस्टल में NEET Exam की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदेहास्पद मौत ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए वामपंथी छात्र संगठन AISA और महिला विंग AIPWA ने आज एक Press Conference कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे इस ‘संदिग्ध हत्या’ के खिलाफ 13 फरवरी को Bihar Vidhan Sabha का घेराव करेंगे। विपक्ष और छात्र संगठनों का आरोप है कि राज्य में Law and Order पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। AIPWA की राष्ट्रीय सचिव मीना तिवारी ने कहा कि SIT Investigation की वर्तमान गति और दिशा संतोषजनक नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तुरंत CBI Inquiry की मांग की है। संगठनों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना है, जिससे पीड़िता को न्याय मिलना मुश्किल हो सकता है।
CBI Inquiry की मांग और SIT की जांच पर सवाल
Press Conference के दौरान मीना तिवारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ केंद्र की Beti Bachao Beti Padhao जैसी योजनाएं हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि SIT Investigation में अब तक कुछ भी ठोस निकलकर सामने नहीं आया है। अपराधियों को बचाने के संदेह के चलते अब इस पूरे मामले को CBI को सौंप देना चाहिए ताकि सच सामने आ सके। नेताओं ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी निशाने पर लिया, जिनके पास Home Minister का प्रभार है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार केवल बयानों तक सीमित है, जबकि धरातल पर बेटियों के खिलाफ अपराध और बलात्कार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस मामले में पुलिस की ढिलाई को देखते हुए संगठनों ने अब सीधे सदन का घेराव करने का फैसला लिया है।
13 फरवरी को Bihar Vidhan Sabha Gherao का ऐलान
न्याय की मांग को लेकर संगठनों ने अपने आगामी कार्यक्रम का खाका पेश किया है। AISA और AIPWA की टीम 4 फरवरी को पीड़िता के पैतृक गांव जाकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात करेगी। इसके बाद, बजट सत्र के दौरान 13 फरवरी को हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और छात्र Patna की सड़कों पर उतरकर Bihar Vidhan Sabha Gherao करेंगे। संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू नहीं की जाती, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है, जिससे आगामी विधानसभा सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं।


