पटना (बिहार): बिहार विधानसभा के Budget Session के दूसरे दिन बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने भारी सुरक्षा घेरे के बीच MLA Oath ली। पटना के बेउर जेल में Judicial Custody में बंद अनंत सिंह को पटना सिविल कोर्ट से केवल शपथ ग्रहण के लिए विशेष अनुमति (Special Permission) दी गई थी। दुलारचंद हत्याकांड मामले में जेल में बंद अनंत सिंह का यह शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना रहा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की भारी तैनाती के बीच अनंत सिंह को विधानसभा लाया गया, जहां उन्होंने विधायक पद की शपथ ली। Oath Ceremony संपन्न होने के तुरंत बाद उन्हें वापस Beur Jail ले जाया गया। अदालत की अनुमति केवल शपथ लेने तक ही सीमित थी, जिसके कारण उन्हें किसी अन्य विधायी कार्यवाही में शामिल होने या राहत पाने की अनुमति नहीं मिली।
NEET Case पर RJD विधायकों का अनोखा प्रदर्शन
विधानसभा के दूसरे दिन का नजारा काफी हंगामेदार रहा। एक तरफ अनंत सिंह की शपथ चल रही थी, तो दूसरी तरफ RJD MLA हाथों में तकिया लेकर विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्षी विधायक NEET Student Case को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। राजद का आरोप है कि सरकार इस गंभीर मामले में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और Accountability तय करने में विफल रही है। विधानसभा के अंदर और बाहर का माहौल काफी गर्म रहा। विपक्ष के इस ‘तकिया प्रदर्शन’ ने सबका ध्यान खींचा, जिससे सदन की कार्यवाही में बार-बार बाधा आई। Opposition Protest और नारेबाजी के बीच सरकार को रक्षात्मक मुद्रा में देखा गया। बजट सत्र के शुरुआती दिनों में ही विपक्ष ने अपने तेवर साफ कर दिए हैं कि वे छात्र हितों और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।
Judicial Custody और कानूनी पाबंदियों के बीच शपथ
अनंत सिंह की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालांकि उन्होंने विधायक के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है, लेकिन Court Proceedings के कारण उनकी गतिविधियों पर सख्त पाबंदियां लागू हैं। दुलारचंद हत्याकांड जैसे गंभीर मामले में जेल में होने के कारण उन्हें Legislative Assembly की बैठकों में शामिल होने के लिए हर बार अदालत की अनुमति लेनी होगी। आज की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से Security Protocol के तहत संपन्न हुई। शपथ ग्रहण के दौरान विधानसभा के गलियारों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अनंत सिंह के समर्थकों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। अब देखना यह है कि आगामी सत्रों में अनंत सिंह की विधायी भूमिका कैसी रहती है।


