जामताड़ा (झारखंड): जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोविंदपुर-साहिबगंज नेशनल हाईवे पर शनिवार शाम एक भीषण Road Accident में 40 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। लोहारंगी मोड़ के समीप एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार Trailer ने राहगीर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही जान चली गई। मृतक की पहचान बुधुडीह गांव निवासी सुखदेव दास के रूप में हुई है। घटना शाम करीब 7 बजे की है जब सुखदेव दास सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे Trailer (Vehicle Number: RJ 14 GK 0632) ने उन्हें बुरी तरह कुचल दिया। हादसे के बाद चालक ने वाहन लेकर भागने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद Local Residents ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेलर को घेराबंदी कर पकड़ लिया। सूचना मिलते ही Narayanpur Police की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
ससुराल जा रहा था मृतक, ग्रामीणों ने Trailer को खदेड़कर पकड़ा
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सुखदेव दास अपने ससुराल पोस्ता जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत ने उन्हें अपनी आगोश में ले लिया। हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि Over-speeding के कारण इस मोड़ पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने Accident Victim के शव को Post-Mortem के लिए भेज दिया है और ट्रेलर को अपने कब्जे में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर ग्रामीण साहस न दिखाते तो Accused Driver वाहन लेकर फरार होने में कामयाब हो जाता। फिलहाल, पुलिस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
लोहारंगी मोड़ बना ‘Black Spot’, प्रशासन की सख्ती पर उठे सवाल
पोस्ता पंचायत के मुखिया वीरेंद्र प्रताप हेंब्रम ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोहारंगी मोड़ अब एक Dangerous Black Spot में तब्दील हो चुका है, जहां बेलगाम वाहनों की गति पर कोई नियंत्रण नहीं है। आए दिन होने वाले इन सड़क हादसों ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। मुखिया ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस नेशनल हाईवे पर Speed Breakers और ट्रैफिक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन Speeding Vehicles पर लगाम नहीं लगाई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।


